Shayari

Collection of Munawwar Rana Shayari and Ghazals

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Collection of Munawwar Rana Shayari and Ghazals (मुनव्वर राना की शायरी और ग़ज़लों का संग्रह)

मुनव्वर राना कि 150 से अधिक प्रसिद्ध ग़ज़लों का हिंदी और इंग्लिश में संग्रह

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MUNAWWAR RANA SHAYARI ON ATTITUDE IN HINDI

मेरी नेकियाँ गिनने की नौबत ही नहीं आएंगी,
मैंने जो माँ पे लिखा है वही काफ़ी होगा…

ग़ज़ल और शायरी की सल्तनत पर आज भी क़ब्ज़ा हमारा है
इसलिए तो हम अपने नाम के आगे अभी राना लगाते हैं….

ख़ुद अपने आपको शादाब करना चाहता है,
ये कलम का फ़क़ीर आपको आदाब करना चाहता है !

MUNAWWAR RANA SHAYARI IN URDU FOR ROAMANTIC LOVE

एक हालत पर न रहने पायी दिल की हसरते,
तुमने जब देखा नए अंदाज से देखा मुझे.

SAD LOVE SHAYARI BY MUNAWWAR RANA

यह तो ठीक है तेरी जफ़ा भी है एक अता मेरे वास्ते,
मेरी दुआओं की कसम तुझे, कभी मुस्कुरा के भी देख ले.

MUNAWWAR RANA SHAYARI IN TWO LINE SHAYARI AND URDU SHAYRI

हाय वो दौरे ज़िन्दगी, जिसका लक़ब शबाब था,
कैसी लतीफ़ नींद थी, कैसा हसीं ख़्वाब था…..

उसकी रफ़्तार है बस मोजा-इ-कोसर की तरह,
गुफ्तगू में है कनक शीशा-ओह-सागर की तरह…..

MUNAWWAR RANA SHAYARI FOR WHATSAPP STATUS IN HINDI

सारे हवा में घोल दी है नफरतें और हवास अहल ए सियासत ने
मगर न जाने क्यों पानी कुँए का आज तक मीठा निकलता है..

ये जो कलम दवात लिये कंधों पे फिरा करते हैं,
मर भी जाएं तो भी शायर नही होने वाले..!

LATEST AND SHORT MUNAWWAR RANA SHAYARI

गाँव की कच्ची मिटटी का समझ के बेच न देना इस घर को
शायद ये कभी सर और अबरुर को छुपाने के काम आए …..

इन गाव की घोर अँधेरी रात में अक्सर सुनहरी मशालें लेकर
मासूम परिन्दों की मुसीबत का पता ये जुगनू लगाते हैं…..

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